पंजाब
गतका आत्मरक्षा, आध्यात्मिकता और उच्च नैतिक मूल्यों को करता है सुदृढ़ : स्पीकर संधवां
कोटकपूरा
गुरुकुल शिक्षण संस्थान, कोटकपूरा में आयोजित 12वीं पंजाब राज्य गतका प्रतियोगिता (लड़कियां) का समापन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ जिसमें रूपनगर की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समग्र विजेता का खिताब अपने नाम किया। फाजिल्का ने दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि गुरदासपुर और फतेहगढ़ साहिब की टीमों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी कला, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने अंतिम मुकाबले का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने गतका को एक उत्कृष्ट पारंपरिक सिख युद्धकला बताया जो आत्मरक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिकता, अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि गतका का अभ्यास करने वाले खिलाड़ी नशों से दूर रहते हैं और जीवन में उच्च आदर्शों को अपनाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को अपने धर्म और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नैशनल गतका एसोसिएशन आफ़ इंडिया के प्रयासों की भी सराहना की जिसने राष्ट्रीय स्तर पर इस खेल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर प्रदान किए गए व्यक्तिगत सम्मानों में गुरदासपुर की जपनीत कौर को ‘सर्वश्रेष्ठ उभरती खिलाड़ी’ तथा फाजिल्का की गुरसिमरन कौर को ‘सर्वश्रेष्ठ कनिष्ठ गतकाबाज़’ का सम्मान दिया गया। लुधियाना की अनूकीरत कौर को ‘सर्वश्रेष्ठ फर्री सोटी खिलाड़ी’ घोषित किया गया। रूपनगर की पवनीत कौर को ‘सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’ और इस्प्रीत कौर को ‘सर्वश्रेष्ठ गतका सोटी खिलाड़ी’ का सम्मान प्राप्त हुआ। फतेहगढ़ साहिब की सहज कौर को ‘सर्वश्रेष्ठ उप-कनिष्ठ प्रतिभा’ सम्मान से नवाजा गया।
इस अवसर पर एडवोकेट हरजीत सिंह ग्रेवाल प्रधान विश्व गतका फेडरेशन तथा प्रधान नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने गतका खेल में हो रही प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक विस्तार देने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है।
गतका एसोसिएशन ऑफ पंजाब के अध्यक्ष हरबीर सिंह दुगल तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह ढिल्लों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. ढिल्लों, जो गतका एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष भी हैं, ने अगली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता को कोटकपूरा में आयोजित करने की पेशकश की और विजेता गतका खिलाड़ियों को अपने शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की घोषणा की।
प्रतियोगिता का संचालन मुख्य निर्णायक तलविंदर सिंह, प्रतियोगिता संयोजक नरेंद्र पाल सिंह, वरिष्ठ निर्णायक हरसिमरन सिंह, शैरी सिंह, प्रदीप सिंह और बलजीत कौर की देखरेख में सफलतापूर्वक किया गया। जिला प्रेस सचिव गुरिंदर सिंह महिंदिरत्ता ने दोनों दिनों मंच संचालन का दायित्व निभाया और जिला गतका एसोसिएशन की गतिविधियों की जानकारी दी।
कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह छोकर और प्रशासनिक अधिकारी हरप्रीत सिंह ढिल्लों के अनुसार दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में 11 जिलों की 250 से अधिक लड़कियों ने भाग लिया, जो गतका की बढ़ती लोकप्रियता तथा इसकी अनुशासन, साहस और समृद्ध परंपरा से जुड़ी महत्ता को दर्शाता है।



